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Chapter 5 घर की याद Solutions

Question - 1 : -
पानी के रात भर गिरने और प्राण-मन के धिरने में परस्पर क्या संबंध है?

Answer - 1 : -

‘घर की याद’ का आरंभ इसी पंक्ति से होता है कि ‘आज पानी गिर रहा है। इसी बात को कवि कई बार अलग-अलग ढंग से कहता है-‘बहुत पानी गिर रहा है’, ‘रात भर गिरता रहा है। भाव यह है कि सावन की झड़ी के साथ-साथ ‘घर की यादों’ से कवि का मन भर आया है। प्राणों से प्यारे अपने घर को, एक-एक परिजन को, माता-पिता को याद करके उसकी आँखों से भी पानी गिर रहा है। वह कहता है कि ‘घर नज़र में तैर रहा है। बादलों से वर्षा हो रही है और यादों से घिरे मन का बोझ कवि की आँखों से बरस रहा है।

Question - 2 : -
मायके आई बहन के लिए कवि ने घर को ‘परिताप का घर’ क्यों कहा है?

Answer - 2 : -

कवि ने बहन के लिए घर को परिताप का घर कहा है। बहन मायके में अपने परिवार वालों से मिलने के लिए खुशी से आती है। वह भाई-बहनों के साथ बिताए हुए क्षणों को याद करती है। घर पहुँचकर जब उसे पता चलता है कि उसका एक भाई जेल में है तो वह बहुत दुखी होती है। इस कारण कवि ने घर को परिताप का घर कहा है।

Question - 3 : -
पिता के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं को उकेरा गया है?

Answer - 3 : -

कवि अपने पिता की निम्नलिखित विशेषताएँ बताता है –

  • उनके पिता को वृद्धावस्था कभी कमजोर नहीं कर पाई।
  • वे फुर्तीले हैं कि आज भी दौड़ लगा सकते हैं।
  • खिलखिलाकर हँस सकते हैं।
  • वे इतने उत्साही हैं कि मौत के सामने भी हिचकिचा नहीं सकते।
  • उनमें इतना साहस है कि वे शेर के सामने भी भयभीत नहीं होंगे। उनकी आवाज़ मानो बादलों की गर्जना है।
  • हर काम को तूफ़ान की रफ्तार से करने की उनमें अद्भुत क्षमता है।
  • वे गीता का पाठ करते हैं और आज भी 260 (दो सौ साठ) तक दंड पेलते हैं, मुगदर (व्यायाम करने का मजबूत भारी लकड़ी का यंत्र) घुमाते हैं।
  • आँखों में जल भर दिया है। वे भावुक भी हैं।

Question - 4 : -
निम्नलिखित पंक्तियों में ‘बड्स’ शब्द के प्रयोग की विशेषता बताइए-
मैं मजे में हूँ सही है
घर नहीं हूँ बस यही है
किंतु यह बस बड़ा बस है।
इसी बस से सब विरस हैं।

Answer - 4 : -

कवि ने बस शब्द का लाक्षणिक प्रयोग किया है। 
पहली बार के प्रयोग का अर्थ है कि वह केवल घर पर ही नहीं है।
दूसरे प्रयोग का अर्थ है कि वह घर से दूर रहने के लिए विवश है। 
तीसरा प्रयोग उसकी लाचारी व विवशता को दर्शता है। 
चौथे बस से कवि के मन की व्यथा प्रकट होती है जिसके कारण उसके सारे सुख छिन गए हैं।

Question - 5 : -
कविता की अंतिम 12 पंक्तियों को पढ़कर कल्पना कीजिए कि कवि अपनी किस स्थिति व मन:स्थिति को अपने परिजनों से छिपाना चाहता है?

Answer - 5 : -

इन पंक्तियों में कवि स्वाधीनता आंदोलन का वह सेनानी है जो जेल की यातना झेलकर भी यातनाओं की जानकारी अपने परिवार के लोगों को इसलिए नहीं देना चाहता है, क्योंकि इससे वे दुखी होंगे। कवि कहता है कि हे सावन ! उन्हें मत बताना कि मैं अस्त हूँ। यहाँ जैसा दुखदायी माहौल है उसकी जानकारी मेरे घरवालों को मत देना। उन्हें यह मत बताना । कि मैं ठीक से सो भी नहीं पाता और मनुष्य से भागता हूँ। कहीं उन्हें यह मत बताना कि जेल की यातनाओं से मैं मौन हो गया हूँ, कुछ नहीं बोलता। मैं स्वयं यह नहीं समझ पा रहा कि मैं कौन हूँ? अर्थात् देश-प्रेम अपराध की सजा? कहीं ऐसा न हो कि मेरे माता-पिता को शक हो जाए कि मैं दुखी हूँ और वे मेरे लिए रोने लगें हे सावन! तुम बरस लो जितना बरसना है, पर मेरे माता-पिता को रोना न पड़े। अपने पाँचवें पुत्र के लिए वे न तरसे अर्थात् वे हर हाल में खुश रहें। कवि उन्हें ऐसा कोई संदेश नहीं देना चाहता जो दुख का कारण बने।

Question - 6 : -
ऐसी पाँच रचनाओं का संकलन कीजिए जिसमें प्रकृति के उपादानों की कल्पना संदेशवाहक के रूप में. की गई है।

Answer - 6 : -

विद्याथी स्वयं करें।

Question - 7 : -
घर से अलग होकर आप घर को किस तरह से याद करते हैं? लिखें।

Answer - 7 : -

अपने अनुभव लिखें।

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