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Chapter 7 बादल राग Solutions

Question - 11 : -
” ‘बादल राग ‘ जीवन-निर्माण के नए राग का सूचक है। ” स्पष्ट कीजिए।  

Answer - 11 : -

‘ बादल राग’ कविता में कवि ने लघु-मानव की खुशहाली का राग गाया है। वह आम व्यक्ति के लिए बादल का आहवान क्रांति के रूप में करता है। किसानों तथा मजदूरों की आकांक्षाएँ बादल को नवनिर्माण के राग के रूप में पुकार रही हैं। क्रांति हमेशा वंचितों का प्रतिनिधित्व करती है। बादलों के अंग-अंग में बिजलियाँ सोई हैं, वज्रपात से शरीर आहत होने पर भी वे हिम्मत नहीं हारते। गरमी से हर तरफ सब कुछ रूखा-सूखा और मुरझाया-सा है। धरती के भीतर सोए अंकुर नवजीवन की आशा में सिर ऊँचा करके बादल की ओर देख रहे हैं। क्रांति जो हरियाली लाएगी, उससे सबसे अधिक उत्फुल्ल नए पौधे, छोटे बच्चे ही होंगे।

Question - 12 : -
‘बादल राग ‘ कविता में ‘ऐ विप्लव के वीरJ’किसे कहा गया हैं और क्यों? [CBSE (Delhi), 2008]

Answer - 12 : -

‘बादल राग’ कविता में ‘ऐ विप्लव के वीर!’ बादल को कहा गया है। बादल घनघोर वर्षा करता है तथा बिजलियाँ गिराता है। इससे सारा जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। बादल क्रांति का प्रतीक है। क्रांति आने से बुराई रूपी कीचड़ समाप्त हो जाता है तथा आम व्यक्ति को जीने योग्य स्थिति मिलती है।

Question - 13 : -
‘बादल राग’ शीर्षिक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।

Answer - 13 : -

‘बादल राग’ क्रांति की आवाज का परिचायक है। यह कविता जनक्रांति की प्रेरणा देती है। कविता में बादलों के आने से नए पौधे हर्षित होते हैं, उसी प्रकार क्रांति होने से आम आदमी को विकास के नए अवसर मिलते हैं। कवि बादलों का बारिश करने या क्रांति करने के लिए करता है। यह शीर्षक उद्देश्य के अनुरूप है। अत: यह शीर्षक सर्वथा उचित है।

Question - 14 : -
विप्लवी बादल कीयुद्ध-नौका कीकौन-कौन-सी विशेषताएँ बताई गाए है ?

Answer - 14 : -

कवि ने विप्लवी बादल की युद्ध-नौका की निम्नलिखित विशेषताएँ बताई हैं

(i) यह समीर-सागर में तैरती है।
(ii) यह भेरी-गर्जन से सजग है।
(iii) इसमें ऊँची आकांक्षाएँ भरी हुई हैं।

Question - 15 : -
‘बादल राग ‘ कविता में कवि निराला की किस क्रांतिकारी विचारधारा का पता चलता हैं? [CBSE Sample Paper, 2015]

Answer - 15 : -

‘बादल राग’ कविता में कवि की क्रांतिकारी विचारधारा का ज्ञान होता है। वह समाज में व्याप्त पूँजीवाद का घोर विरोध करता हुआ दलित-शोषित वर्ग के कल्याण की कामना करता हुआ, उन्हें समाज में उचित स्थान दिलाना चाहता है। कवि ने बादलों की गर्जना, बिजली की कड़क को जनक्रांति का रूप बताया है। इस जनक्रांति में धनी वर्ग का पतन होता है और छोटे वर्ग-मजदूर, गरीब, शोषित आदि-उन्नति करते हैं।

Question - 16 : -
‘बादल राग’ कविता में अट्टालिकाओं को आतंक-भवन क्यों कहा गया है?

Answer - 16 : -

‘बादल राग’ कविता में अट्टालिकाओं को आतंक-भवन इसलिए कहा गया है क्योंकि इन भवनों में शोषण के नए-नए तरीके खोजे जाते हैं। ये ऊँचे-ऊँचे भवन शोषण से लूटी गई संपत्ति के केंद्र होते हैं।

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